सरसों की खेती का वैज्ञानिक तरीका (mustard crop information
सरसों की खेती का वैज्ञानिक तरीका (mustard crop information)
– 5 से 25 अक्टूबर तक खेत में सरसों की बुआई करें.– एक एकड़ खेत में 1 किलोग्राम बीज का इस्तेमाल करें.– बुआई के समय खेत में 100 किग्रा सिंगल सुपरफॉस्फेट, 35 किग्रा यूरिया और 25 किग्रा म्यूरेट ऑफ पोटाश का छिड़काव करना चाहिए.– सरसों की बुआई के बाद एक हफ्ते के भीतर खरपतवार की रोकथाम के उपाय करें.– खरपतवार को रोकने के लिए पैंडीमेथालीन (30 EC) केमिकल की एक लीटर मात्रा 400 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें.– सरसों की बुआई के 20-25 दिन बाद खेत की निराई-गुड़ाई करें.– निराई गुड़ाई करते समय घने पौधों को निकाल दें.– खेत में पौधों के बीच लाइन से लाइन की दूरी 45 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 20 सेंटीमीटर रखें.– फसल में पहला पानी 35-40 दिन के बाद दें. जरूरत होने पर दूसरी सिंचाई दाना बनते समय करें.– सरसों में फूल आने के समय सिंचाई नहीं करनी चाहिए.– पहली सिंचाई के बाद 35 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें.– फसल पर माहूं या चेंपा कीट का हमला होने पर नीम तेल की 5 एमएल मात्रा एक लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें.– इसके लिए इमीडाक्लोप्रिड (17.8 एमएल) की
सरसों की खेती का वैज्ञानिक तरीका (mustard crop information
सरसों की खेती का वैज्ञानिक तरीका (mustard crop information
Comments
Post a Comment